गर्भावस्था एक महिला के जीवन का सबसे खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान शरीर में कई प्रकार के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनमें से एक आम समस्या है — पीठ दर्द। लगभग 50% से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के किसी न किसी चरण में पीठ दर्द की शिकायत होती है। यह दर्द असहजता और तनाव का कारण बन सकता है, लेकिन कुछ घरेलू और प्राकृतिक उपायों से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रेगनेंसी में पीठ दर्द क्यों होता है?
गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द के कई कारण हो सकते हैं:
- बढ़ता वजन: जैसे-जैसे शिशु का विकास होता है, शरीर का वजन भी बढ़ता है। यह अतिरिक्त वजन रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों पर दबाव डालता है।
- ग्रैविटी सेंटर का बदलाव: शरीर का गुरुत्वाकर्षण केंद्र बदलता है, जिससे शरीर की मुद्रा में बदलाव आता है और पीठ की मांसपेशियों पर तनाव बढ़ता है।
- हार्मोनल परिवर्तन: गर्भावस्था के दौरान शरीर में “रिलैक्सिन” नामक हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो जोड़ों और लिगामेंट्स को ढीला करता है, जिससे पीठ दर्द हो सकता है।
- मांसपेशियों की थकान: लंबे समय तक खड़े रहने या गलत मुद्रा में बैठने से पीठ की मांसपेशियाँ थक जाती हैं, जिससे दर्द शुरू हो सकता है।

प्रेगनेंसी में पीठ दर्द के लक्षण
- कमर के निचले हिस्से में हल्का या तीव्र दर्द
- लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने पर दर्द का बढ़ना
- नींद के दौरान करवट लेने में कठिनाई
- चलने-फिरने या झुकने में असहजता
- कूल्हों और जांघों में दर्द का फैलना
प्रेगनेंसी में पीठ दर्द से राहत पाने के आसान और सुरक्षित तरीके
1. सही मुद्रा अपनाएं:
हमेशा सीधी पीठ और कंधों के साथ बैठें। लंबे समय तक खड़े रहने से बचें और अगर खड़ा रहना पड़े तो एक पैर को हल्के से ऊंचा रखकर खड़े हों।
2. गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष तकिया (प्रेगनेंसी पिलो):
सोते समय पीठ और पेट के नीचे तकिया लगाएं, जिससे शरीर को आराम मिले और दबाव कम हो।

3. हल्की एक्सरसाइज और योग:
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष योगासन और हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज पीठ दर्द में राहत दिला सकती हैं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार “कैट-काउ पोज़” या “पेल्विक टिल्ट” जैसे आसन उपयोगी हो सकते हैं।

4. गर्म या ठंडी सिकाई:
गर्म पानी की बोतल या गर्म तौलिये से सिकाई करने से मांसपेशियों में आराम मिलता है। कुछ मामलों में बर्फ की सिकाई भी लाभदायक हो सकती है।
5. तेल मालिश (प्रेगनेंसी मसाज):
हल्के हाथों से नारियल, तिल या बादाम के तेल से पीठ की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है।

6. सही जूते पहनें:
फ्लैट और आरामदायक जूते पहनें। हाई हील्स पहनने से पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
7. ध्यान और प्राणायाम:
सांस लेने की तकनीकों और ध्यान की मदद से तनाव कम होता है, जिससे शरीर और मन को राहत मिलती है।
जानें क्या करें और क्या न करें
✔ क्या करें:
- भरपूर पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- नियमित रूप से वॉक करें।
- तकिए की सहायता से सही स्थिति में सोएं।
- डॉक्टर से रेगुलर चेकअप कराएं।

❌ क्या न करें:
- भारी सामान उठाने से बचें।
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहें।
- बगैर डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाएं न लें।
- पीठ पर सीधा दबाव डालने वाले योगासन या व्यायाम न करें।
घरेलू उपाय जो पीठ दर्द में राहत दें:
- हल्दी वाला दूध: हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द को कम करने में मदद करते हैं। रोज़ाना एक गिलास गुनगुना हल्दी दूध पीना फायदेमंद होता है।
- अजवाइन का पानी: गैस और मांसपेशियों के खिंचाव से राहत दिलाने में कारगर।
- अदरक की चाय: अदरक सूजन कम करने में मदद करता है और पीठ दर्द में राहत देता है।
- लहसुन: रोज सुबह लहसुन की एक या दो कली खाना पीठ दर्द से राहत दे सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि पीठ दर्द बहुत अधिक हो रहा है, बुखार के साथ हो, या चलने-फिरने में परेशानी हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। किसी भी तरह की सुन्नता या झनझनाहट महसूस होने पर भी विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
निष्कर्ष
प्रेगनेंसी में पीठ दर्द एक सामान्य लेकिन कष्टदायक अनुभव हो सकता है। अच्छी जीवनशैली, संतुलित आहार, सही मुद्रा और घरेलू उपायों की मदद से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अगर दर्द बढ़े या असामान्य लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। याद रखें, एक स्वस्थ माँ ही एक स्वस्थ शिशु को जन्म देती है।